चलो कुछ वक़्त निकाला जाए
भूले बिछड़े गीतों को फिर से दोहराया जाए
रोती आंखों को अपनी शरारतो से फिर से हसाया जाए
दीवाली में दिये गैरो को अपना बनाने के लिए जलाये
खुशिया सबको बाट सबको सुकून के कुछ पल दिए जाय
बचपन जैसी शैतानी फिर से कर दूसरो के घरो की रंगोली मिटाई जाए
सब को अपना मान खुशबू बिखेरी जाए
चलो इस दीवाली कुछ अलग किया जाए
चलो कुछ वक़्त निकाला जाए
भूले बिछड़े गीतों को फिर से दोहराया जाए
रोती आंखों को अपनी शरारतो से फिर से हसाया जाए
दीवाली में दिये गैरो को अपना बनाने के लिए जलाये
खुशिया सबको बाट सबको सुकून के कुछ पल दिए जाय
बचपन जैसी शैतानी फिर से कर दूसरो के घरो की रंगोली मिटाई जाए
सब को अपना मान खुशबू बिखेरी जाए
चलो इस दीवाली कुछ अलग किया जाए
चलो कुछ वक़्त निकाला जाए